श्री राम चरित्र मानस जी की महिमा
"रामकथा कलि बिटप कुठारी। सादर सुनु गिरिराजकुमारी।।" भगवान शंकर कहते हैं देवी आदर पूर्वक एक बात सुनिए राम कथा कलयुग में कलयुग के वृक्ष को काटने वाली कुल्हाड़ी के समान है अगर कलयुग का विकार वृक्ष बन जाए तो उसे काटने के लिए भगवान की कथा कुल्हाड़ी के समान है जिसके पास भगवान की कथा रूपी कुल्हाड़ी रहेगी उसके जीवन में विकार रूपी वृक्ष बचाने वाला नहीं है ।