दुर्गा सप्तशती की महिमा
दुर्गा सप्तशती में निहित 13 अध्याय हैं जिन्हें तीन चरणों में बांटा गया है ।
प्रथम भाग : मधुकैटभ वध (महाकाली - तामसिक रूप)
मध्यम भाग : महिषासुर वध (महालक्ष्मी - राजसिक रूप)
उत्तम भाग : शुंभ-नि शुंभ और अन्य राक्षसों का वध (महासरस्वती - सात्विक रूप)