मंत्र Mantra
ॐ जयन्ती, मङ्गला, काली, भद्रकाली, कपालिनी ।
दुर्गा, क्षमा, शिवा, धात्री, स्वाहा, स्वधा नमोऽस्तुते ॥
हे मंगल करने वाली माँ दुर्गा, हे सर्वविजयी,
सर्व-शुभ (सदा शुभ करने वाली), अंधकार को दूर करने वाली,
काल से परे श्रेष्ठ, अशुद्ध विचारों की खोपड़ी धारण करने वाली,
(मनुष्यो की) कठिनाइयों को दूर करने वाली, प्रेममयी, क्षमाशील (सभी पापों को नष्ट करने वाली),
ब्रह्मांड की रक्षक (सम्पूर्ण जगत, तींनो लोकों) की पालनहार , हे दुर्गा माँ अपने भक्त की आहुति स्वीकार करो,
हमारे पूर्वजों की स्तुति स्वीकार करो,
हम आपको प्रणाम करते हैं, नमस्कार करते हैं।
इस मंत्र का जाप करने से माँ महाकाली, माँ दुर्गा का अभेद आशीर्वाद प्राप्त होता है, जिससे भक्त को साहस, शक्ति और सामर्थ्य प्राप्त होता है और मनुष्य अपने वर्तमान समस्याओं से अधिक शक्तिशाली होकर उन्हें शीघ्रता से और बिना किसी अवरोध के हल कर हल कर पाता है ।
