मंत्र Mantra
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे ।
हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे ।।
भगवान् श्री कृष्ण (भगवान् राम-हरि) महामंत्र
Hare Krishna Hare Krishna Krishna Krishna Hare Hare।
Hare Ram Hare Ram Ram Ram Hare Hare।।
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे ।
हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे ।।
यह महाफलदायी सोलह नाम-बत्तीस अक्षर का महामन्त्र है । इस महामन्त्र को जिसे नारायण के स्वरुप श्री कृष्ण और राम के महामंत्र के रूप में जपा जाता है । इसे ‘तारकब्रह्म’ मंत्र भी कहते हैं जिसके जपने या उच्चारण करने मात्र से ही मनुष्य संसार-सागर से पार हो जाता है । श्री राधा-भाव में विह्वल रहने वाले महान संत जिन्हें कृष्ण का अवतार भी कहते है श्री चैतन्य महाप्रभु जी ने इस महामन्त्र को अपनाया और संसार में इसका सभी जगह प्रचार इस प्रकार किया।
‘हरे राम हरे कृष्ण’ मंत्र का अर्थ:
हरे, कृष्ण और राम ये तीन शब्द इस महामंत्र का दिव्य बीज-मंत्र हैं जिसे जपने का सौभाग्य स्वयं हरि देते हैं । भगवान् ‘राम’ और ‘कृष्ण’ स्वयं भगवान के नाम है और ‘हरे’ शब्द भगवान की आनंदमयी शक्ति के लिए है, जो मानव को भगवान से मिलाने में सहायक होती है ऐसी प्रबल मान्यता है ।
